:
Breaking News

समस्तीपुर में ‘सहयोग पोर्टल’ पर सख्ती, 30 दिन में आवेदन निपटाने का DM रोशन कुशवाहा का निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर के जिलाधिकारी Roshan Kushwaha ने सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी आवेदनों का तय समय सीमा में निष्पादन हो, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिला प्रशासन अब आम लोगों की शिकायतों और सरकारी सेवाओं से जुड़े आवेदनों के त्वरित निपटारे को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। जिले में “सहयोग पोर्टल” और “सहयोग शिविर” को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी Roshan Kushwaha की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से निष्पादन की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान कई मामलों में देरी को लेकर चिंता भी जताई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। इसी उद्देश्य से सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर जैसी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि शिकायतों और आवेदनों का पारदर्शी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सहयोग पोर्टल पर आने वाले सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी आवेदन के निष्पादन में अनावश्यक देरी होती है या आवेदक को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सहयोग शिविर में प्राप्त होने वाले मामलों को भी गंभीरता से लिया जाएगा। शिविर में जो आवेदन प्राप्त होंगे, उनका निष्पादन कर संबंधित आवेदकों को सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता को केवल आश्वासन देकर वापस न भेजा जाए, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में शिथिलता या उदासीनता पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी।

बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि जिले में सहयोग शिविर की शुरुआत 19 मई 2026 से की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग सीधे अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिविरों को केवल औपचारिक कार्यक्रम बनाकर न छोड़ा जाए, बल्कि उन्हें जनसुनवाई और समाधान का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ आसानी से मिले। कई बार देखा जाता है कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सहयोग पोर्टल और शिविर का उद्देश्य इसी व्यवस्था को सरल और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें, तो लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारी भी जुड़े। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि हर आवेदन के वास्तविक निष्पादन की निगरानी करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान संभव नहीं है, उसमें आवेदक को स्पष्ट और लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिला स्तर पर अब सहयोग पोर्टल से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। लंबित मामलों की समीक्षा कर विभागवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया जाएगा। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में समस्तीपुर प्रशासन शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगा।

बैठक में मौजूद अधिकारियों को यह भी याद दिलाया गया कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। यदि कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास आता है, तो उसे समय पर सहायता मिलनी चाहिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से व्यवहारिक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन की छवि जनता के बीच उसके कार्य और व्यवहार से बनती है।

समस्तीपुर में सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर को लेकर शुरू हुई यह सक्रियता आने वाले समय में जिले की प्रशासनिक कार्यशैली में बदलाव ला सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां अक्सर छोटी समस्याओं के समाधान में भी लंबा समय लग जाता है। अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि प्रशासन की ओर से किए गए दावे और निर्देश जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *